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"अंतर्वसना" एक दिल को छू लेने वाली कहानी है जो पाठक को सोचने पर मजबूर करती है। इस कहानी में आत्म-खोज और आत्म-स्वीकृति के विषय को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यदि आप एक अच्छी कहानी पढ़ना चाहते हैं जो आपको सोचने पर मजबूर करे, तो "अंतर्वसना" जरूर पढ़ें।

अगले दिन, रमेश ने अपने दोस्तों के साथ समय बिताने का फैसला किया। जब वह अपने दोस्तों के साथ बैठा था, तो उसने महसूस किया कि लोग उसकी ओर देख रहे हैं। वह समझ नहीं पा रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है। antarvasana-hindi-kahani

विनीता का मन कह रहा था, 'फोन करके डॉक्टर बुला लो।' लेकिन उनके पैर खुद ब खुद सीढ़ियाँ उतरने लगे। उसने कार्तिक को अंदर बुलाया, ड्राइंग रूम नहीं, सीधे अपने बेडरूम के अटैच बाथरूम में। वह उसके सिर पर पट्टी बांध रही थी, और उसके हाथ काँप रहे थे। ड्राइंग रूम नहीं