इस गिरि की महिमा अनंत, कौन करे वखाण;
तृतीय चैत्य — तप का अभिवादन तृतीय चैत्य को नमन, तप-बल का अनंत स्वरूप। त्याग और संयम के पथ पर चलकर मिलती मुक्ति सुफल रूप॥ ॐ नमो तपोवनाय palitana 5 chaityavandan in hindi full
यह चैत्यवंदन शत्रुंजय पर्वत की तलहटी (शुरुआत) में किया जाता है। इस गिरि की महिमा अनंत
पलिताना (शत्रुंजय) जैन धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र तीर्थस्थल है। यह कहानी है एक ऐसे श्रद्धालु की, जिसने पलिताना की विशाल यात्रा के दौरान 'पांच चैत्यवंदन' का महत्व समझा। कौन करे वखाण